Friday, December 14, 2012

मंजिल करीब हैं

मोड़ पे  ऐसे , हजारों राहें निकलती हैं जहाँ
छोड़ वे बोले     -   "मंजिल करीब हैं" ।

Saturday, December 8, 2012

मुलायम यादे


ख्वाबों में मैं सांसे लेता हु
ख्वाबों ने,  मुझको जिंदा रखा हैं।
मासूम सी तेरी -
मुलायम यादों ने , मुझको जिंदा रखा हैं।

हजारों शहरों में  लुटता  आया हु
तुम्हे ढूँढते  बदनाम होता आया हु
तेरे प्यार ने, मुझको  जिंदा रखा हैं।
मासूम सी तेरी -
मुलायम यादों ने , मुझको जिंदा रखा हैं।

मालूम नहीं  निभाई थी  वफाई
या कि थी तुमने मुहसे बेवफाई
सवालों और उमीदों ने , मुझको जिंदा रखा हैं।
मासूम सी तेरी -
मुलायम यादों ने , मुझको जिंदा रखा हैं।

                                - अमर 

Saturday, December 1, 2012


लौटा दो कुछ पुराने लम्हों को ,
गलती नहीं होगी अबकी
जोश नहीं  तजुर्बा  जो साथ हैं ।

Thursday, November 29, 2012


दिल रोया , चेहरा हंसा
तुम न समझ पाए मेरे दर्द को ।

Tuesday, November 27, 2012

प्यार


इंकार सहना  सीख , सीख करना इंतज़ार
वरना   न कर  पाओगे  कभी  तुम    प्यार ।

- अमर

Friday, November 23, 2012

मेरा वजूद

घर के आइने मैं ढूँढने लगा हु अपने वजूद को
बहुत  दिन  हो  गए  देखे  बाहर  कि धूप   को ।

- अमर 

Wednesday, November 21, 2012

उधार ढूँढती साँसे


उधार ढूँढती साँसे , तड़पती हैं ये जिंदगी
दे थोडा सुकून, पूरा कर जा खवाबों का एक ज़र्रा ।