Saturday, December 1, 2012


लौटा दो कुछ पुराने लम्हों को ,
गलती नहीं होगी अबकी
जोश नहीं  तजुर्बा  जो साथ हैं ।

Thursday, November 29, 2012


दिल रोया , चेहरा हंसा
तुम न समझ पाए मेरे दर्द को ।

Tuesday, November 27, 2012

प्यार


इंकार सहना  सीख , सीख करना इंतज़ार
वरना   न कर  पाओगे  कभी  तुम    प्यार ।

- अमर

Friday, November 23, 2012

मेरा वजूद

घर के आइने मैं ढूँढने लगा हु अपने वजूद को
बहुत  दिन  हो  गए  देखे  बाहर  कि धूप   को ।

- अमर 

Wednesday, November 21, 2012

उधार ढूँढती साँसे


उधार ढूँढती साँसे , तड़पती हैं ये जिंदगी
दे थोडा सुकून, पूरा कर जा खवाबों का एक ज़र्रा ।

Sunday, October 21, 2012

कहाँ हो तुम

                         कहाँ  हो तुम

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दूर दूर तक जाते हैं ख्याल मेरे ,तुम तो नज़र नहीं आते
छोड  गये  तुम मुझको ऐसे,सपने भी फासले नहीं मिटाते ।

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Saturday, October 13, 2012

इस शहर में

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        खुल खुल के बरसती थी मेरी अवारगी यहाँ
        अब खुद को छुपाये चलता हु मैं ।

        इस शहर में  आते ही
        बहकते दिल को संभाले चलता हु मैं ।

        मिल न जाये कही नज़र तुमसे
        निगाहों  को झुकाए चलता हु मैं ।

       खुद न पहचान ले पुराने खुद को
       आँखों के आईने को जगाये  चलता हु मैं।

       पिघल न जाये मेरी एहसान फरामोशी
       पुराने एहसान की हवा से बचता  चलता हु मैं ।

       खुल खुल के बरसती थी मेरी अवारगी यहा
       अब खुद को छुपाये चलता हु मैं ।
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अमरदीप