Saturday, November 9, 2013

अभी अभी आँखों से

अभी अभी आँखों से
    गुजरा हैं एक ख्वाब ।
अभी अभी दिल को
   हुआ हैं उससे प्यार ।

 कितनी सुंदर हैं वो काया
 परीयों सी उसकी हैं माया
वाह ख़ुदा , किया खूब हैं उसे बनाया ।
 गुजरे वो सामने से
 खुली आँखों मैं न समाती हैं
बंद कर लू आँखें
वह ख्वाब बन जाती हैं ।

अभी अभी आँखों से
    गुजरा हैं एक ख्वाब ।
अभी अभी दिल को
   हुआ हैं उससे प्यार ।

पतों  की सरसराहट
बूँदो की   हलचल
वाह ख़ुदा ,  हवाओं का रुख भी गया हैं बदल ।

जिधर  से गुजरती हैं वह
मौसम भी हो जाता हैं चंचल
 बागों में  बस उसकी ही महक
चारो ओर खवाबों की लहर ।

अभी अभी आँखों से
    गुजरा हैं एक ख्वाब ।
अभी अभी दिल को
   हुआ हैं उससे प्यार ।





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